ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 133133.24महाभारत 133.24न स्तम्भी न च मानी यो देवताद्विजपूजकः लोकपूज्यो नमस्कर्ता प्रश्रितो मधुरं वदन्पिछलाअगलापूरा अध्याय