ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 132132.56महाभारत 132.56ईदृशः पुरुषोत्कर्षो देवि देवत्वमश्नुते उपपन्नान्सुखान्भोगानुपाश्नाति मुदा युतःपिछलाअगलापूरा अध्याय