ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 131131.30महाभारत 131.30ऋतवागनहंवादी निर्द्वंद्वः शमकोविदः यजते नित्ययज्ञैश्च स्वाध्यायपरमः शुचिःपिछलाअगलापूरा अध्याय