ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 131131.24महाभारत 131.24अव्रती वृषलीभर्ता कुण्डाशी सोमविक्रयी निहीनसेवी विप्रो हि पतति ब्रह्मयोनितःपिछलाअगलापूरा अध्याय