Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 131.2

चातुर्वर्ण्यं भगवता पूर्वं सृष्टं स्वयंभुवा
केन कर्मविपाकेन वैश्यो गच्छति शूद्रताम्

पूरा अध्याय