ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 129129.27महाभारत 129.27न चैकत्र चिरासक्तो न चैकग्रामगोचरः युक्तो ह्यटति निर्मुक्तो न चैकपुलिनेशयःपिछलाअगलापूरा अध्याय