ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 129129.23महाभारत 129.23अध्यात्मगतचित्तो यस्तन्मनास्तत्परायणः युक्तो योगं प्रति सदा प्रतिसंख्यानमेव चपिछलाअगलापूरा अध्याय