ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 118118.20महाभारत 118.20भृत्यातिथिजनश्चापि गृहे पर्युषितो मया मात्सर्यात्स्वादुकामेन नृशंसेन बुभूषतापिछलाअगलापूरा अध्याय