ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 110110.131महाभारत 110.131मुनिर्दान्तो जितक्रोधो जितशिश्नोदरः सदा जुह्वन्नग्नींश्च नियतः संध्योपासनसेवितापिछलाअगलापूरा अध्याय