ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 107107.12महाभारत 107.12विशीला भिन्नमर्यादा नित्यं संकीर्णमैथुनाः अल्पायुषो भवन्तीह नरा निरयगामिनःपिछलाअगलापूरा अध्याय