Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 104.25

त्वमिमं मे प्रपन्नाय संशयं ब्रूहि पृच्छते
चण्डालत्वात्कथमहं मुच्येयमिति सत्तम

पूरा अध्याय