Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 101.56

तस्मादग्रं प्रयच्छेत देवेभ्यः प्रतिपूजितम्
शिरसा प्रणतश्चापि हरेद्बलिमतन्द्रितः

पूरा अध्याय