ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 101101.52महाभारत 101.52गिरिप्रपाते गहने चैत्यस्थाने चतुष्पथे दीपदाता भवेन्नित्यं य इच्छेद्भूतिमात्मनःपिछलाअगलापूरा अध्याय