ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 101101.50महाभारत 101.50दीपहर्ता भवेदन्धस्तमोगतिरसुप्रभः दीपप्रदः स्वर्गलोके दीपमाली विराजतेपिछलाअगलापूरा अध्याय