ग्रंथमहाभारतअनुशासनपर्वअध्याय 1010.32महाभारत 10.32तथैव स ऋषिस्तात कालधर्ममवाप्य ह पुरोहितकुले विप्र आजातो भरतर्षभपिछलाअगलापूरा अध्याय