ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 9292.53महाभारत 92.53तत्कुरुष्व महाराज वृत्तं राजर्षिसेवितम् आतिष्ठ दिव्यं पन्थानमह्नाय भरतर्षभपिछलाअगलापूरा अध्याय