ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 9292.18महाभारत 92.18मा स्म तात बले स्थेया बाधिष्ठा मापि दुर्बलम् मा त्वा दुर्बलचक्षूंषि धक्ष्यन्त्यग्निरिवाश्रयम्पिछलाअगलापूरा अध्याय