Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 88.24

प्रागेव तु करादानमनुभाष्य पुनः पुनः
संनिपत्य स्वविषये भयं राष्ट्रे प्रदर्शयेत्

पूरा अध्याय