ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 88.20महाभारत 8.20अधनेनार्थकामेन नार्थः शक्यो विवित्सता अर्थैरर्था निबध्यन्ते गजैरिव महागजाःपिछलाअगलापूरा अध्याय