ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 7777.13महाभारत 77.13अवृत्त्या यो भवेत्स्तेनो वेदवित्स्नातकस्तथा राजन्स राज्ञा भर्तव्य इति धर्मविदो विदुःपिछलाअगलापूरा अध्याय