Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 7.22

सदैव निकृतिप्रज्ञो द्वेष्टा मायोपजीवनः
मिथ्यावृत्तः स सततमस्मास्वनपकारिषु

पूरा अध्याय