ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 6868.29महाभारत 68.29अनयाः संप्रवर्तेरन्भवेद्वै वर्णसंकरः दुर्भिक्षमाविशेद्राष्ट्रं यदि राजा न पालयेत्पिछलाअगलापूरा अध्याय