Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 63.22

राजर्षित्वेन राजेन्द्र भैक्षचर्याध्वसेवया
अपेतगृहधर्मोऽपि चरेज्जीवितकाम्यया

पूरा अध्याय