ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 5959.24महाभारत 59.24भगवन्नरलोकस्थं नष्टं ब्रह्म सनातनम् लोभमोहादिभिर्भावैस्ततो नो भयमाविशत्पिछलाअगलापूरा अध्याय