ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 5959.133महाभारत 59.133विष्णोर्ललाटात्कमलं सौवर्णमभवत्तदा श्रीः संभूता यतो देवी पत्नी धर्मस्य धीमतःपिछलाअगलापूरा अध्याय