Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 56.19

गुणवाञ्शीलवान्दान्तो मृदुर्धर्म्यो जितेन्द्रियः
सुदर्शः स्थूललक्ष्यश्च न भ्रश्येत सदा श्रियः

पूरा अध्याय