ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 5454.27महाभारत 54.27आधेयं तु मया भूयो यशस्तव महाद्युते ततो मे विपुला बुद्धिस्त्वयि भीष्म समाहितापिछलाअगलापूरा अध्याय