ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 4949.54महाभारत 49.54स पुनस्ताञ्जघानाशु बालानपि नराधिप गर्भस्थैस्तु मही व्याप्ता पुनरेवाभवत्तदापिछलाअगलापूरा अध्याय