ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 4747.18महाभारत 47.18यं देवं देवकी देवी वसुदेवादजीजनत् भौमस्य ब्रह्मणो गुप्त्यै दीप्तमग्निमिवारणिःपिछलाअगलापूरा अध्याय