ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 3636.44महाभारत 36.44शिष्टाचारश्च शिष्टश्च धर्मो धर्मभृतां वर सेवितव्यो नरव्याघ्र प्रेत्य चेह सुखार्थिनापिछलाअगलापूरा अध्याय