ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 353353.8महाभारत 353.8तदेष परमो धर्मो यन्मां पृच्छसि भारत असन्नधीरनाकाङ्क्षी धर्मार्थकरणे नृपपिछलाअगलापूरा अध्याय