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महाभारत 352.7

ब्राह्मण उवाच
एवमेतन्महाप्राज्ञ विज्ञातार्थ भुजंगम
नातिरिक्तास्त्वया देवाः सर्वथैव यथातथम्

पूरा अध्याय