Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 350.11

हुताहुतिरिव ज्योतिर्व्याप्य तेजोमरीचिभिः
अनिर्देश्येन रूपेण द्वितीय इव भास्करः

पूरा अध्याय