ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 336336.21महाभारत 336.21वायुना द्विपदां श्रेष्ठ प्रथितो जगदायुषा वायोः सकाशात्प्राप्तश्च ऋषिभिर्विघसाशिभिःपिछलाअगलापूरा अध्याय