ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 335335.22महाभारत 335.22तावपश्यत्स भगवाननादिनिधनोऽच्युतः एकस्तत्राभवद्बिन्दुर्मध्वाभो रुचिरप्रभःपिछलाअगलापूरा अध्याय