Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 330.19

शब्द एकमतैरेष व्याहृतः परमर्षिभिः
नान्यो ह्यधोक्षजो लोके ऋते नारायणं प्रभुम्

पूरा अध्याय