ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 330330.10महाभारत 330.10नोक्तपूर्वं मया क्षुद्रमश्लीलं वा कदाचन ऋता ब्रह्मसुता सा मे सत्या देवी सरस्वतीपिछलाअगलापूरा अध्याय