Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 326.67

एकाकी विद्यया सार्धं विहरिष्ये द्विजोत्तम
ततो भूयो जगत्सर्वं करिष्यामीह विद्यया

पूरा अध्याय