Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 32.13

यथा हि पुरुषश्छिन्द्याद्वृक्षं परशुना वने
छेत्तुरेव भवेत्पापं परशोर्न कथंचन

पूरा अध्याय