ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 316316.21महाभारत 316.21निरामिषा न शोचन्ति त्यजेहामिषमात्मनः परित्यज्यामिषं सौम्य दुःखतापाद्विमोक्ष्यसेपिछलाअगलापूरा अध्याय