ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 314314.8महाभारत 314.8शक्तिर्न्यस्ता क्षितितले त्रैलोक्यमवमन्य वै यत्रोवाच जगत्स्कन्दः क्षिपन्वाक्यमिदं तदापिछलाअगलापूरा अध्याय