ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 313313.19महाभारत 313.19स वनेऽग्नीन्यथान्यायमात्मन्यारोप्य धर्मवित् निर्द्वंद्वो वीतरागात्मा ब्रह्माश्रमपदे वसेत्पिछलाअगलापूरा अध्याय