Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 31.44

तत इष्ट्वा महायज्ञैर्बहुभिर्भूरिदक्षिणैः
तर्पयामास देवांश्च पितॄंश्चैव महाद्युतिः

पूरा अध्याय