ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 309309.41महाभारत 309.41पुरा शरीरमन्तको भिनत्ति रोगसायकैः प्रसह्य जीवितक्षये तपो महत्समाचरपिछलाअगलापूरा अध्याय