ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 296296.44महाभारत 296.44हिरण्यगर्भादृषिणा वसिष्ठेन महात्मना वसिष्ठादृषिशार्दूलान्नारदोऽवाप्तवानिदम्पिछलाअगलापूरा अध्याय