Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 296.27

नियोगधर्मिणा चैव नियोगात्मा भवत्यपि
विमोक्षिणा विमोक्षश्च समेत्येह तथा भवेत्

पूरा अध्याय