ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 2929.34महाभारत 29.34स चेन्ममार सृञ्जय चतुर्भद्रतरस्त्वया पुत्रात्पुण्यतरश्चैव मा पुत्रमनुतप्यथाःपिछलाअगलापूरा अध्याय