Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 278.20

स तु प्रविष्ट उशना कोष्ठं माहेश्वरं प्रभुः
व्यचरच्चापि तत्रासौ महात्मा भृगुनन्दनः

पूरा अध्याय