ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 277277.27महाभारत 277.27दिवसे दिवसे नाम रात्रौ रात्रौ सदा सदा भोक्तव्यमिति यः खिन्नो दोषबुद्धिः स उच्यतेपिछलाअगलापूरा अध्याय