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महाभारत 259.1

युधिष्ठिर उवाच
कथं राजा प्रजा रक्षेन्न च किंचित्प्रतापयेत्
पृच्छामि त्वां सतां श्रेष्ठ तन्मे ब्रूहि पितामह

पूरा अध्याय